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Friday, 28 September 2012

" जिंदगी...."




पलट पलट कर जब भी देखा है तुझे...
हर रंग में मुझे तू दिखी जिंदगी....
कभी हंसती हुयी....
कभी सिसकती हुयी.....
सिमटी हुयी ज़ज्बातों में कहीं....
कभी ठिठुरती हुयी रिश्तों की सीली सर्द हवाओं में...
तो जलती हुयी ख्वाहिशों की तपिश में कहीं...

बिखरती हुयी हालातों में कहीं...
कभी बहारों में संवरती हुयी....
कभी ख़्वाबों की दुनिया में उडती हुयी..
कभी मचलती हुयी अदाओं में भी देखा है तुझे...
और कभी बहते हुए पानी सी लगी है तू....

मेरे साथ है तू ही इस सफ़र में,अनजान से इस शहर में....
जहाँ अपने भी अजनबी लगते हैं,और हमसाए भी झूठे दिखते हैं....
इस तलाश में... इस ख़ामोशी की आवाज़ में... जो आती तो है लबों तक पर सुनाई नहीं देती... तू ही तो है मेरी संगिनी...
ऐ जिंदगी... ऐ जिंदगी....

17 comments:

  1. जहाँ अपने भी अजनबी लगते हैं,और हमसाए भी झूठे दिखते हैं....
    इस तलाश में... इस ख़ामोशी की आवाज़ में... जो आती तो है लबों तक ,पर सुनाई नहीं देती... तू ही तो है मेरी संगिनी...
    ऐ जिंदगी... ऐ जिंदगी ....
    बहुत खूब .... जिन्दगी पर भरोसा ........... अच्छा लगा .............. :)))))

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    1. धन्यवाद विभा जी...
      सादर

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  2. सुन्दर और सार्थक सृजन , बधाई.

    मेरे ब्लॉग"meri kavitayen" पर आप सादर आमंत्रित हैं.

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  3. बिखरती हुयी हालातों में कहीं...
    कभी बहारों में संवरती हुयी....
    कभी ख़्वाबों की दुनिया में उडती हुयी..
    कभी मचलती हुयी अदाओं में भी देखा है तुझे...
    और कभी बहते हुए पानी सी लगी है तू....bahut khub .

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  4. जिंदगी जिन्दादिली का नाम है , जियो जी भर के . जिंदगी के स्वर सुनो. लब पे आई है जिंदगी तो बोलेगी ही एक दिन . कब तक लबों को सीकर रहेगी . शब्दों को कैद नहीं किया जा सकता . तो मस्त रहने का बिंदास. :)

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    1. हौसला अफजाई के लिए बहुत बहुत शुक्रिया आशीष जी...
      आपका आशीष यूँ ही मिलता रहे...
      धन्यवाद
      सादर

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  5. beautiful........
    loved it meenakshi....every word of it.

    anu

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    1. thank you sooo much mini aunty... love you..

      your valuable comments are needed... for encouragement always... :)

      Regards

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  6. khubsurat jindagi... balkhati jindagi:)

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  7. आज 02/10/2012 को आपकी यह पोस्ट (विभा रानी श्रीवास्तव जी की प्रस्तुति मे ) http://nayi-purani-halchal.blogspot.com पर पर लिंक की गयी हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .धन्यवाद!

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    1. धन्यवाद!
      यशवन्त माथुर जी
      सादर

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  8. जिन्दगी एक कैनवास की तरह है , बदलते हालात उसको रंग बिरंगे रंगों से सजाते बिगाड़ते रहते हैं ,

    सुन्दर रचना

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